परिचय
Kashi Varanasi is the most ancient and sacred city of Uttar Pradesh situated on the banks of river Ganga. It is the capital of Lord Shiva and the abode of Kashi Vishwanath Jyotirlinga. It holds the fourth place among the Sapta Puri - seven cities that grant Moksha.
काशी वाराणसी - भगवान शिव की नगरी | सप्त पुरी मोक्षदायिनी तीर्थ
काशी वाराणसी - भगवान शिव की अविनाशी नगरी
काशी जिसे वाराणसी और बनारस भी कहा जाता है, भारत की सबसे प्राचीन जीवित नगरी है। उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित यह नगरी भगवान शिव की राजधानी मानी जाती है। हिंदू धर्म की सात मोक्षदायिनी नगरियों (सप्त पुरी) में काशी को चतुर्थ स्थान प्राप्त है।
शास्त्रों में कहा गया है कि काशी स्वयं भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी हुई है। मान्यता है कि काशी में मृत्यु होने पर भगवान शिव स्वयं जीव के कान में तारक मंत्र का उपदेश देते हैं जिससे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
काशी के प्रमुख दर्शनीय स्थल
1. काशी विश्वनाथ मंदिर
काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण शिव मंदिर है। नवनिर्मित काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर ने इस मंदिर की भव्यता को और अधिक बढ़ा दिया है।
2. दशाश्वमेध घाट
दशाश्वमेध घाट काशी का सबसे प्रसिद्ध और पवित्र घाट है। यहाँ प्रतिदिन शाम को होने वाली गंगा आरती विश्व प्रसिद्ध है। यह आरती 7 पुजारियों द्वारा एक साथ की जाती है और इसका दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है।
3. मणिकर्णिका घाट
मणिकर्णिका घाट को महाश्मशान कहा जाता है। यहाँ हजारों वर्षों से चिता की अग्नि जल रही है। मान्यता है कि यहाँ अंतिम संस्कार होने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
4. काल भैरव मंदिर
काशी के कोतवाल कहे जाने वाले काल भैरव का यह मंदिर अत्यंत शक्तिशाली है। मान्यता है कि काशी में प्रवेश से पहले काल भैरव के दर्शन अनिवार्य हैं।
5. संकट मोचन हनुमान मंदिर
यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है और काशी के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है। मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों की भारी भीड़ रहती है।
6. सारनाथ
काशी से 10 किमी दूर सारनाथ वह स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश दिया था। यहाँ अशोक स्तंभ, धमेख स्तूप और बौद्ध संग्रहालय दर्शनीय हैं।
7. काशी के 84 घाट
गंगा नदी के किनारे काशी में 84 घाट हैं जो अपने आप में एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं। नाव से इन घाटों का भ्रमण करना एक अविस्मरणीय अनुभव है।
काशी कैसे पहुँचें
वायुमार्ग: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा वाराणसी में ही स्थित है।
रेलमार्ग: वाराणसी जंक्शन और काशी रेलवे स्टेशन देशभर से जुड़े हुए हैं।
सड़कमार्ग: लखनऊ से 320 किमी, प्रयागराज से 120 किमी, दिल्ली से 820 किमी।
काशी दर्शन का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च का समय काशी यात्रा के लिए सर्वोत्तम है। महाशिवरात्रि, देव दीपावली और गंगा दशहरा के समय यहाँ विशेष उत्सव होते हैं। देव दीपावली पर गंगा के सभी घाटों पर लाखों दीपक जलाए जाते हैं जो एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत करते हैं।
काशी का धार्मिक महत्व
काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार काशी में मृत्यु होने पर भगवान शिव स्वयं तारक मंत्र देते हैं जिससे जीव को मोक्ष मिलता है। यहाँ गंगा स्नान और विश्वनाथ दर्शन से सभी पापों का नाश होता है। काशी को आनंद वन, अविमुक्त क्षेत्र और महाश्मशान भी कहा जाता है।