परिचय
Karni Mata Temple in Deshnoke, Bikaner district, Rajasthan has 20,000+ rats unique temple. Rats (Kaba) sacred. 15th century saint Karni Mata. Chaaran Kuldevi. Reincarnation story - devotees become rats. White rat rare auspicious. Maharaja Ganga Singh marble temple silver doors. Milk-prasad to rats. Navratri festival. Bikaner 30 km. Lakhs of devotees.
करणी माता मंदिर देशनोक | चूहों वाला मंदिर बीकानेर राजस्थान
**करणी माता मंदिर का परिचय:**
करणी माता मंदिर **राजस्थान के बीकानेर जिले** के देशनोक गांव में स्थित विश्व का एक अनोखा मंदिर है।
**स्थान:**
- **राज्य:** राजस्थान
- **गांव:** देशनोक
- **जिला:** बीकानेर
- **बीकानेर से:** 30 किमी
- **जोधपुर से:** 250 किमी
**विशेषता:**
इस मंदिर में **20,000 से अधिक चूहे** रहते हैं। यह मंदिर "**चूहों वाला मंदिर**" (Rats Temple) के नाम से विश्व प्रसिद्ध है।
**करणी माता कौन थीं:**
**समय:** 15वीं शताब्दी (1387-1538)
**जन्म:** सुआप गांव, राजस्थान
करणी माता एक महान **संत और चमत्कारी देवी** थीं। वे **चारण समाज की कुलदेवी** हैं।
**बीकानेर के शासकों** ने करणी माता को अपनी **आराध्य देवी** माना। उनके आशीर्वाद से राज्य की स्थापना और विस्तार हुआ।
**चूहों की कथा - पुनर्जन्म:**
**लक्ष्मण की मृत्यु:**
करणी माता के एक **भक्त/पुत्र/भतीजा का नाम लक्ष्मण** था। एक दिन लक्ष्मण की **मृत्यु** हो गई।
करणी माता बहुत दुखी हुईं। उन्होंने **यमराज** (मृत्यु के देवता) से कहा:
"हे यमराज! लक्ष्मण को वापस भेज दो।"
**यमराज का मना करना:**
यमराज ने कहा: "हे देवी! यह नियम के विरुद्ध है। जो मर गया उसे वापस नहीं भेज सकते।"
**करणी माता का वरदान:**
करणी माता ने वरदान दिया:
"**ठीक है। लेकिन मेरे सभी भक्त मृत्यु के बाद सीधे यमलोक नहीं जाएंगे। वे पहले चूहों के रूप में पुनर्जन्म लेंगे। मेरे मंदिर में रहेंगे। फिर दोबारा मानव रूप में जन्म लेंगे।**"
तभी से मंदिर में चूहे रहते हैं। इन्हें **काबा** (बच्चे) कहते हैं।
**मान्यता:**
ये चूहे करणी माता के **पूर्व भक्त** हैं जो पुनर्जन्म लेकर चूहे बने हैं। अगले जन्म में वे फिर मानव बनेंगे।
**सफेद चूहा:**
मंदिर में कुछ **सफेद चूहे** हैं। ये अत्यंत **दुर्लभ** हैं।
**मान्यता:**
सफेद चूहों को देखना अत्यंत **शुभ** माना जाता है। ये **करणी माता के परिवार के सदस्य** माने जाते हैं।
यदि सफेद चूहा आपके पैर के पास से गुजर जाए या आप पर चढ़ जाए तो यह **बहुत बड़ा सौभाग्य** माना जाता है।
**मंदिर का निर्माण:**
**प्राचीन मंदिर:** करणी माता के समय से मंदिर है।
**वर्तमान मंदिर:**
**महाराजा गंगा सिंह** (बीकानेर के शासक) ने **20वीं शताब्दी की शुरुआत** में वर्तमान भव्य मंदिर बनवाया।
**निर्माण:**
- **संगमरमर** से बना
- **चांदी के द्वार**
- सुंदर नक्काशी
**मंदिर में परंपराएं:**
**1. चूहों को प्रसाद:**
चूहों को **दूध, मिठाई, प्रसाद** खिलाना पुण्यदायी माना जाता है।
**2. नंगे पैर चलना:**
मंदिर में **नंगे पैर** ही जाना होता है। चूहों के बीच से चलना पड़ता है।
**3. चूहों को नुकसान नहीं:**
चूहों को कोई नुकसान पहुंचाना **महापाप** माना जाता है।
यदि गलती से कोई चूहा मर जाए तो उसकी जगह **सोने या चांदी का चूहा** दान करना पड़ता है।
**4. बचा हुआ प्रसाद:**
चूहों का **बचा हुआ प्रसाद** खाना **शुभ** माना जाता है।
**नवरात्रि उत्सव:**
**चैत्र नवरात्रि** (मार्च-अप्रैल) और **आश्विन नवरात्रि** (सितंबर-अक्टूबर) में विशेष उत्सव।
**उत्सव में:**
- **लाखों श्रद्धालु** राजस्थान और पूरे भारत से आते हैं
- विशेष पूजा और आरती
- भंडारा (सामूहिक भोजन)
**दर्शन समय:**
**सुबह:** 4:00 AM - रात 10:00 PM
**आरती:** सुबह और शाम
**करणी माता मंदिर कैसे पहुंचें:**
**हवाई मार्ग:**
- निकटतम हवाई अड्डा: **जोधपुर** (250 किमी)
**रेल मार्ग:**
- निकटतम स्टेशन: **बीकानेर** (30 किमी)
- **देशनोक** स्टेशन भी है (मंदिर के पास)
**सड़क मार्ग:**
- बीकानेर से: 30 किमी (बस/टैक्सी)
- जोधपुर से: 250 किमी
**ठहरने की व्यवस्था:**
देशनोक में धर्मशालाएं और छोटे होटल। बीकानेर में बेहतर सुविधाएं।
**पास के स्थल:**
- **जूनागढ़ किला** - बीकानेर
- **लालगढ़ पैलेस** - बीकानेर
- **गजनेर पैलेस**
**महत्वपूर्ण तथ्य:**
- राजस्थान के देशनोक बीकानेर में
- 20,000+ चूहों वाला अनोखा मंदिर
- चूहे (काबा) पवित्र माने जाते हैं
- 15वीं शताब्दी संत करणी माता
- चारण समाज की कुलदेवी
- पुनर्जन्म कथा - भक्त चूहे बनते हैं
- सफेद चूहा दुर्लभ और अति शुभ
- महाराजा गंगा सिंह ने संगमरमर मंदिर
- चांदी के द्वार
- नवरात्रि में विशेष उत्सव
- लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष
🙏 जय करणी माता 🙏
🙏 माता रानी की जय 🙏