परिचय
Vimala Devi Temple is situated within the Jagannath Temple complex in Puri, Odisha. It holds the second place among the 4 Adi Shaktipeeths where Goddess Sati's navel fell. The Jagannath Mahaprasad is considered sacred only after it is first offered to Maa Vimala.
विमला देवी - आदि शक्तिपीठ पुरी ओडिशा | जगन्नाथ धाम की अधिष्ठात्री देवी
विमला देवी - जगन्नाथ धाम की अधिष्ठात्री शक्तिपीठ
विमला देवी मंदिर ओडिशा राज्य के पुरी में विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के परिसर के भीतर स्थित है। यह 52 शक्तिपीठों में से एक और 4 आदि शक्तिपीठों में द्वितीय स्थान रखता है। यहाँ माँ सती की नाभि गिरी थी इसीलिए यह स्थान अत्यंत पवित्र और सिद्ध माना जाता है।
विमला देवी को जगन्नाथ धाम की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया गया महाप्रसाद पहले माँ विमला को भोग लगाने के बाद ही महाप्रसाद कहलाता है। बिना विमला दर्शन के जगन्नाथ यात्रा अधूरी मानी जाती है।
विमला देवी मंदिर का इतिहास
विमला देवी मंदिर अत्यंत प्राचीन है। इसका उल्लेख स्कंद पुराण और देवी भागवत में मिलता है। वर्तमान मंदिर की संरचना 9वीं और 10वीं शताब्दी की है। यह मंदिर कलिंग स्थापत्य शैली में बना है और जगन्नाथ मंदिर परिसर के दक्षिण-पश्चिम कोने में स्थित है।
विमला देवी के प्रमुख दर्शनीय स्थल
1. विमला देवी गर्भगृह
मंदिर के गर्भगृह में माँ विमला की अष्टभुजी प्रतिमा विराजमान है। माँ का श्रृंगार अत्यंत भव्य होता है। यहाँ माँ को महाप्रसाद का भोग लगाया जाता है जिसके बाद वह प्रसाद लाखों भक्तों में वितरित होता है।
2. रोहिणी कुंड
विमला मंदिर के समीप रोहिणी कुंड स्थित है। इस कुंड में स्नान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। अष्टमी और नवमी तिथि को यहाँ विशेष पूजा होती है।
3. जगन्नाथ मंदिर
विमला देवी मंदिर जगन्नाथ मंदिर परिसर के भीतर ही है इसलिए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन भी अवश्य करें। यह चार धामों में से एक है।
4. भैरव मंदिर
विमला देवी के भैरव जगन्नाथ स्वयं हैं। यह एकमात्र शक्तिपीठ है जहाँ स्वयं भगवान विष्णु भैरव रूप में विराजमान हैं।
5. पुरी समुद्र तट
जगन्नाथ मंदिर के समीप पुरी का विशाल समुद्र तट स्थित है जो बंगाल की खाड़ी के किनारे फैला है। यह भारत के सबसे सुंदर समुद्र तटों में से एक है।
विमला देवी कैसे पहुँचें
वायुमार्ग: भुवनेश्वर का बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पुरी से 60 किमी दूर है।
रेलमार्ग: पुरी रेलवे स्टेशन देशभर के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
सड़कमार्ग: भुवनेश्वर से 60 किमी, कटक से 95 किमी, कोलकाता से 500 किमी।
विमला देवी दर्शन का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च का समय पुरी यात्रा के लिए सर्वोत्तम है। रथ यात्रा (जून-जुलाई), नवरात्रि और दुर्गा पूजा के समय यहाँ विशेष उत्सव होते हैं। रथ यात्रा विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है जिसमें लाखों भक्त भाग लेते हैं।
विमला देवी का धार्मिक महत्व
विमला देवी का यह पीठ अत्यंत विशेष है क्योंकि यह एकमात्र शक्तिपीठ है जो किसी बड़े धाम के परिसर के भीतर स्थित है। यहाँ माँ विमला और भगवान जगन्नाथ दोनों के एक साथ दर्शन का अद्भुत अवसर मिलता है। मान्यता है कि यहाँ दर्शन करने से माँ की कृपा से सभी दुख दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।