परिचय
Ayodhya is the most sacred city of Uttar Pradesh, situated on the banks of Sarayu river. It is the birthplace of Lord Ram and holds the first place among the Sapta Puri - seven cities that grant Moksha.
अयोध्या - भगवान राम की पवित्र जन्मभूमि | सप्त पुरी मोक्षदायिनी नगरी
अयोध्या भारत की सबसे प्राचीन और पवित्र नगरियों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में सरयू नदी के तट पर स्थित है। हिंदू धर्म की सात मोक्षदायिनी नगरियों (सप्त पुरी) में अयोध्या को सर्वप्रथम स्थान प्राप्त है।
भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था, इसीलिए इसे "राम की नगरी" भी कहा जाता है। यह नगरी त्रेता युग से लेकर आज तक हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र रही है।
अयोध्या के प्रमुख दर्शनीय स्थल
1. श्री राम जन्मभूमि मंदिर
अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर 22 जनवरी 2024 को प्राण-प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। यह मंदिर नागर शैली में बना है और इसकी ऊँचाई लगभग 161 फीट है। मंदिर में भगवान रामलला की बालरूप में मूर्ति विराजमान है।
2. हनुमानगढ़ी
अयोध्या के मध्य में स्थित हनुमानगढ़ी एक प्रसिद्ध मंदिर है। मान्यता है कि यहाँ हनुमान जी स्वयं निवास करते हैं और अयोध्या की रक्षा करते हैं। 76 सीढ़ियाँ चढ़कर मंदिर तक पहुँचा जाता है।
3. कनक भवन
कनक भवन माता सीता और भगवान राम को समर्पित है। मान्यता है कि यह भवन माता कैकेयी ने सीता माता को मुँह दिखाई में उपहार दिया था। यहाँ राम-सीता की सोने के मुकुट वाली मूर्तियाँ हैं।
4. सरयू घाट
सरयू नदी के घाटों पर स्नान को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। राम की पैड़ी, गुप्तार घाट और नया घाट यहाँ के प्रमुख घाट हैं। संध्या आरती का दृश्य अत्यंत मनोरम होता है।
5. दशरथ महल
यह भगवान राम के पिता राजा दशरथ का महल था। अब यहाँ एक मंदिर है जहाँ राजा दशरथ और उनके परिवार की पूजा होती है।
6. त्रेता के ठाकुर मंदिर
यह मंदिर उस स्थान पर बना है जहाँ भगवान राम ने अश्वमेध यज्ञ किया था। यहाँ काले पत्थर से बनी भगवान राम की प्राचीन मूर्ति है।
अयोध्या कैसे पहुँचें
वायुमार्ग: महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में ही स्थित है।
रेलमार्ग: अयोध्या जंक्शन और अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं।
सड़कमार्ग: लखनऊ से 135 किमी, वाराणसी से 200 किमी की दूरी पर है।
अयोध्या दर्शन का सबसे अच्छा समय
अयोध्या जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच है। रामनवमी, दीपोत्सव और विवाह पंचमी के समय यहाँ विशेष उत्सव होते हैं। दीपोत्सव पर लाखों दीपक जलाए जाते हैं जो एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं।
अयोध्या का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में कहा गया है - "अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवंतिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिकाः॥" इस श्लोक में अयोध्या को सर्वप्रथम मोक्षदायिनी नगरी कहा गया है। मान्यता है कि अयोध्या में मृत्यु होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।