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कृष्ण जन्मभूमि मथुरा उत्तर प्रदेश - भगवान कृष्ण का जन्म स्थान

कृष्ण जन्मभूमि मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर में स्थित वह पवित्र स्थान है जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। यह कंस की कारागार में है जहां देवकी-वासुदेव को बंदी बनाया गया था। द्वापर युग में श्रावण कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में कृष्ण का जन्म हुआ। कंस ने देवकी की आठवीं संतान के हाथों मृत्यु की भविष्यवाणी सुनी थी। वासुदेव ने नवजात कृष्ण को यमुना पार कर गोकुल में नंद-यशोदा के पास पहुंचाया। जन्मस्थान पर भव्य मंदिर परिसर है। भूमिगत कारागार आज भी दर्शन के लिए खुली है। जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालु मथुरा आते हैं।

प्रसिद्ध मंदिर
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परिचय

कृष्ण जन्मभूमि मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर में भगवान कृष्ण का जन्म स्थान है। कंस की कारागार में स्थित। श्रावण कृष्ण अष्टमी मध्यरात्रि को कृष्ण का जन्म। देवकी-वासुदेव की आठवीं संतान। वासुदेव ने यमुना पार कर गोकुल पहुंचाया। भूमिगत कारागार दर्शन योग्य। जन्माष्टमी पर विशाल उत्सव। लाखों श्रद्धालु मथुरा आते हैं। उत्तर प्रदेश का प्रमुख तीर्थ।
Krishna Janmabhoomi Temple in Mathura city, Uttar Pradesh is Lord Krishna's birthplace. Located in Kansa's prison. Krishna born on Shravan Krishna Ashtami midnight. Eighth child of Devaki-Vasudeva. Vasudeva carried across Yamuna to Gokul. Underground prison open for darshan. Grand Janmashtami celebration. Lakhs visit Mathura. Major pilgrimage of Uttar Pradesh.

कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा | भगवान कृष्ण का जन्म स्थान उत्तर प्रदेश

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🙏 कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा 🙏

**कृष्ण जन्मभूमि का परिचय:**

कृष्ण जन्मभूमि मंदिर **उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर** में वह पवित्र स्थान है जहां **भगवान कृष्ण का जन्म** हुआ था।

**स्थान:**
- **राज्य:** उत्तर प्रदेश
- **शहर:** मथुरा
- **जिला:** मथुरा
- **आगरा से:** 55 किमी
- **दिल्ली से:** 150 किमी
- **वृंदावन से:** 15 किमी

**कृष्ण जन्म की कथा:**

**कंस का अत्याचार:**

**मथुरा** में राजा **कंस** का शासन था। कंस अत्यंत क्रूर और अत्याचारी था।

कंस की बहन **देवकी** का विवाह **वासुदेव** से हुआ। विवाह के बाद कंस स्वयं रथ चलाकर देवकी को ससुराल छोड़ने जा रहा था।

**आकाशवाणी:**

तभी **आकाशवाणी** हुई:

"हे कंस! जिसे तुम इतने प्रेम से विदा कर रहे हो, उसी की **आठवीं संतान** तुम्हारे वध का कारण बनेगी।"

**कारागार में बंदी:**

कंस ने तुरंत देवकी और वासुदेव को **कारागार में बंद** कर दिया। उसने कहा:

"मैं देवकी की सभी संतानों को मार डालूंगा।"

**सात संतानों की हत्या:**

कंस ने देवकी की **सात संतानों को जन्म लेते ही मार डाला**। वह आठवीं संतान का इंतजार कर रहा था।

**आठवीं संतान - कृष्ण:**

**श्रावण कृष्ण पक्ष अष्टमी** (जन्माष्टमी) की **मध्यरात्रि** में **रोहिणी नक्षत्र** में भगवान **कृष्ण** का जन्म हुआ।

**चमत्कार:**

जैसे ही कृष्ण का जन्म हुआ, अनेक चमत्कार हुए:
- कारागार के **सभी द्वार खुल गए**
- पहरेदार **सो गए**
- वासुदेव के **बेड़ियां टूट गईं**
- **आकाशवाणी** हुई: "वासुदेव! शिशु को गोकुल ले जाओ"

**यमुना पार:**

वासुदेव ने नवजात कृष्ण को एक **टोकरी** में रखा और **यमुना नदी** की ओर चल पड़े।

**यमुना में बाढ़:**

उस रात यमुना में **बाढ़** थी। लेकिन जैसे ही कृष्ण के **चरण** यमुना के जल को छुए, **यमुना ने रास्ता दे दिया**।

**शेषनाग** ने अपने **फन से छत्र** बनाकर कृष्ण को वर्षा से बचाया।

**गोकुल में:**

वासुदेव कृष्ण को **गोकुल** में **नंद बाबा और यशोदा माता** के घर पहुंचाया। उसी रात यशोदा को **कन्या** (योगमाया) का जन्म हुआ था।

वासुदेव ने कृष्ण को यशोदा के पास सुला दिया और कन्या को लेकर मथुरा वापस आ गए।

**कंस का छलना:**

कंस ने कन्या को मारना चाहा लेकिन कन्या उसके हाथ से छूटकर **आकाश** में चली गई और कहा:

"हे कंस! तेरा वध करने वाला **गोकुल** में पल रहा है।"

**कृष्ण जन्मभूमि मंदिर:**

**स्थान की पवित्रता:**

जिस कारागार में कृष्ण का जन्म हुआ, वह स्थान आज **कृष्ण जन्मभूमि मंदिर** के रूप में विख्यात है।

**भूमिगत कारागार:**

मंदिर परिसर में **भूमिगत कारागार** आज भी सुरक्षित है। श्रद्धालु इसके दर्शन कर सकते हैं।

**कारागार में:**
- वह स्थान जहां कृष्ण का जन्म हुआ
- देवकी-वासुदेव की प्रतिमाएं
- नवजात कृष्ण की झांकी

**मंदिर परिसर:**

**1. केशव देव मंदिर:**

जन्मस्थान के ऊपर **केशव देव मंदिर** बना है। यह मुख्य मंदिर है।

**2. पोतरा कुंड:**

वह स्थान जहां **यशोदा ने कृष्ण के जन्म के वस्त्र धोए** थे (मान्यता अनुसार)।

**3. भागवत भवन:**

संग्रहालय जहां कृष्ण लीलाओं की कलाकृतियां हैं।

**जन्माष्टमी उत्सव:**

मथुरा में **जन्माष्टमी** (श्रावण कृष्ण अष्टमी) पर विशाल उत्सव होता है।

**उत्सव की विशेषताएं:**
- **लाखों** श्रद्धालु उत्तर प्रदेश और देश भर से आते हैं
- **मध्यरात्रि** को कृष्ण जन्म का उत्सव
- **झांकियां** और रासलीला
- **भजन-कीर्तन**
- पूरे मथुरा शहर में उत्सव

**दर्शन समय:**

**गर्मी:**
- सुबह: 5:30 AM - 12:00 PM
- शाम: 4:00 PM - 9:00 PM

**सर्दी:**
- सुबह: 6:00 AM - 12:00 PM
- शाम: 3:00 PM - 8:30 PM

**प्रवेश:** निःशुल्क

**कृष्ण जन्मभूमि कैसे पहुंचें:**

**हवाई मार्ग:**
- निकटतम हवाई अड्डा: **आगरा** (55 किमी)
- **दिल्ली** (150 किमी)

**रेल मार्ग:**
- **मथुरा जंक्शन** - शहर में ही
- दिल्ली, आगरा, जयपुर से सीधी ट्रेनें

**सड़क मार्ग:**
- दिल्ली से: 150 किमी (NH-19)
- आगरा से: 55 किमी
- जयपुर से: 240 किमी

**ठहरने की व्यवस्था:**

**मथुरा में:**
- होटल और लॉज
- धर्मशालाएं
- गेस्ट हाउस

**आसपास के स्थल:**

**मथुरा में:**
- द्वारकाधीश मंदिर (2 किमी)
- विश्राम घाट (1 किमी)
- गीता मंदिर

**पास में:**
- **वृंदावन** (15 किमी) - बांके बिहारी, इस्कॉन
- **गोवर्धन** (25 किमी)
- **बरसाना** (50 किमी) - राधा रानी मंदिर
- **नंदगांव** (52 किमी)

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

- उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर में
- भगवान कृष्ण का जन्म स्थान
- कंस की कारागार में जन्म
- श्रावण कृष्ण अष्टमी मध्यरात्रि
- भूमिगत कारागार दर्शन योग्य
- जन्माष्टमी पर विशाल उत्सव
- लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष
- मथुरा जंक्शन से नजदीक

🙏 जय श्री कृष्ण 🙏
🙏 राधे राधे 🙏