परिचय
Haridwar is the most sacred city of Uttarakhand situated at the foothills of Himalayas on the banks of river Ganga. It is the main gateway to Char Dham Yatra and holds the third place among the Sapta Puri - seven cities that grant Moksha.
हरिद्वार - मोक्षदायिनी गंगा नगरी | सप्त पुरी की पवित्र तीर्थ नगरी
हरिद्वार - गंगा माता की पावन नगरी
हरिद्वार उत्तराखंड राज्य में हिमालय की तलहटी में गंगा नदी के तट पर स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ नगरी है। हिंदू धर्म की सात मोक्षदायिनी नगरियों (सप्त पुरी) में हरिद्वार को तृतीय स्थान प्राप्त है। "हरिद्वार" का अर्थ है - "हरि (भगवान विष्णु) का द्वार" अर्थात यह नगरी भगवान तक पहुँचने का मार्ग है।
हरिद्वार वह स्थान है जहाँ गंगा नदी पर्वतों को छोड़कर मैदानी भाग में प्रवेश करती है। इसीलिए इसे "गंगाद्वार" भी कहते हैं। यहाँ गंगा स्नान को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
हरिद्वार के प्रमुख दर्शनीय स्थल
1. हर की पौड़ी
हर की पौड़ी हरिद्वार का सबसे पवित्र घाट है। मान्यता है कि यहाँ स्वयं भगवान विष्णु और शिव जी के चरण पड़े थे। हर शाम होने वाली गंगा आरती का दृश्य अत्यंत भव्य और दिव्य होता है। कुंभ मेले के समय यहाँ करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं।
2. मनसा देवी मंदिर
बिलवा पर्वत पर स्थित मनसा देवी मंदिर हरिद्वार के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ माता मनसा देवी की पूजा होती है जो मन की इच्छाएँ पूर्ण करती हैं। मंदिर तक पहुँचने के लिए उड़नखटोला (रोपवे) की सुविधा है।
3. चंडी देवी मंदिर
नील पर्वत पर स्थित चंडी देवी मंदिर भी एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। मान्यता है कि यहाँ माता चंडी ने शुंभ-निशुंभ के सेनापतियों का वध किया था। यहाँ भी रोपवे की सुविधा उपलब्ध है।
4. माया देवी मंदिर
माया देवी मंदिर हरिद्वार के प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। यह 51 शक्तिपीठों में से एक है जहाँ माता सती का हृदय और नाभि गिरी थी। यह मंदिर अत्यंत शक्तिशाली और चमत्कारिक माना जाता है।
5. सप्त ऋषि आश्रम
यह वह पवित्र स्थान है जहाँ सात महान ऋषियों ने तपस्या की थी। गंगा यहाँ सात धाराओं में विभाजित होती है। इसीलिए इसे सप्त सरोवर भी कहते हैं।
6. वैष्णो देवी मंदिर हरिद्वार
यह मंदिर जम्मू की वैष्णो देवी की प्रतिकृति है और यहाँ गुफा के भीतर माता के दर्शन होते हैं।
हरिद्वार कैसे पहुँचें
वायुमार्ग: देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा सबसे नजदीक है जो हरिद्वार से 35 किमी दूर है।
रेलमार्ग: हरिद्वार रेलवे स्टेशन दिल्ली, मुंबई और देशभर से जुड़ा हुआ है।
सड़कमार्ग: दिल्ली से 220 किमी, देहरादून से 54 किमी, ऋषिकेश से 24 किमी।
हरिद्वार दर्शन का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से अप्रैल का समय हरिद्वार यात्रा के लिए सर्वोत्तम है। कुंभ मेला, अर्ध कुंभ, कांवड़ यात्रा और गंगा दशहरा के समय यहाँ लाखों श्रद्धालु आते हैं। हर शाम हर की पौड़ी पर होने वाली गंगा आरती अवश्य देखें।
हरिद्वार का धार्मिक महत्व
हरिद्वार को चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा यहीं से शुरू होती है। गंगा स्नान और हर की पौड़ी में दीपदान से पितरों को मोक्ष मिलता है ऐसा शास्त्रों में वर्णित है। यहाँ की गंगा आरती भारत की सबसे भव्य और प्रसिद्ध आरतियों में से एक है।