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शांकरी देवी - भगवान शिव की दिव्य शक्ति का महाशक्तिपीठ

शांकरी देवी 21 महाशक्तिपीठों में से एक अत्यंत पवित्र और सिद्ध पीठ हैं। माँ शांकरी भगवान शंकर की शक्ति पार्वती का ही दिव्य स्वरूप हैं। यहाँ माँ सती की हड्डियाँ गिरी थीं और भैरव त्रिमूर्तिनाथ रूप में विराजमान हैं। माँ शांकरी की उपासना से भक्तों को शक्ति साहस और आत्मबल की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

51 शक्तिपीठ महाशक्तिपीठ
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परिचय

शांकरी देवी 21 महाशक्तिपीठों में से एक पवित्र शक्तिपीठ हैं। माँ शांकरी भगवान शिव की शक्ति पार्वती का ही स्वरूप हैं। यहाँ माँ सती की हड्डियाँ गिरी थीं और भैरव त्रिमूर्तिनाथ रूप में विराजमान हैं।

Shankari Devi is one of the 21 Mahashaktipeeths. Maa Shankari is the form of Goddess Parvati who is the Shakti of Lord Shiva. Here the bones of Maa Sati fell and Bhairav is worshipped as Trimurtinath.

शांकरी देवी - महाशक्तिपीठ | माँ शांकरी का दिव्य शक्तिपीठ

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शांकरी देवी - भगवान शिव की दिव्य शक्ति का महापीठ

शांकरी देवी शक्तिपीठ 21 महाशक्तिपीठों में से एक अत्यंत पवित्र और सिद्ध पीठ है। शांकरी देवी माँ पार्वती का ही स्वरूप हैं जो भगवान शंकर की शक्ति हैं इसीलिए इन्हें शांकरी कहा जाता है। यह शक्तिपीठ श्रीलंका के त्रिंकोमाली में स्थित माना जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को 51 भागों में विभाजित किया तब माता की हड्डियाँ जहाँ गिरीं वह स्थान शांकरी शक्तिपीठ बना। यहाँ माँ शांकरी रूप में और भैरव त्रिमूर्तिनाथ रूप में पूजे जाते हैं।

शांकरी देवी का महत्व

शांकरी देवी को शक्ति और शिव दोनों का समन्वित रूप माना जाता है। माँ शांकरी की उपासना से साधक को शिव और शक्ति दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है। तांत्रिक साधकों के लिए यह पीठ विशेष महत्व रखता है।

शांकरी देवी की पूजा विधि

शांकरी देवी की पूजा में लाल फूल, सिंदूर, लाल वस्त्र और नारियल का विशेष महत्व है। नवरात्रि के समय यहाँ विशेष पूजा और अनुष्ठान होते हैं। माँ को प्रसन्न करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है।

शांकरी देवी के भैरव

प्रत्येक शक्तिपीठ के साथ भैरव का मंदिर होता है। शांकरी शक्तिपीठ के भैरव त्रिमूर्तिनाथ हैं। शक्तिपीठ दर्शन के साथ भैरव दर्शन भी अनिवार्य माना जाता है।

शांकरी देवी का धार्मिक महत्व

शांकरी देवी की उपासना से भक्तों को शक्ति, साहस और आत्मबल की प्राप्ति होती है। माँ शांकरी अपने भक्तों को सभी प्रकार के भय से मुक्त करती हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं। यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलती है और भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।