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जीण माता - राजस्थान की शक्तिपीठ और चौहानों की कुलदेवी

जीण माता मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में रेलमगरा की पहाड़ियों में स्थित है। जीण माता चौहान राजपूतों की कुलदेवी हैं। मंदिर 1000 वर्ष से अधिक पुराना है। मान्यता है कि जीण माता दुर्गा का रूप हैं। कथा के अनुसार, जीण माता ने चौहान राजा को विजय दिलाई। मंदिर शक्तिपीठ माना जाता है। चैत्र और आश्विन नवरात्रि में विशाल मेला लगता है। लाखों श्रद्धालु आते हैं। मंदिर में प्राचीन मूर्ति है। पहाड़ी पर स्थित होने से सुंदर दृश्य।

प्रसिद्ध मंदिर
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परिचय

जीण माता मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में रेलमगरा पहाड़ियों में। चौहान राजपूतों की कुलदेवी। 1000+ वर्ष पुराना। दुर्गा का रूप। चौहान राजा को विजय दिलाई। शक्तिपीठ। चैत्र और आश्विन नवरात्रि में मेला। लाखों श्रद्धालु। प्राचीन मूर्ति। पहाड़ी पर स्थित। सुंदर दृश्य।

Jeen Mata temple in Reengus hills, Sikar district, Rajasthan. Kuldevi of Chauhan Rajputs. 1000+ years old. Form of Durga. Gave victory to Chauhan king. Shaktipeeth. Fair during Chaitra and Ashwin Navratri. Lakhs visit. Ancient idol. Located on hill. Beautiful views.

जीण माता मंदिर | चौहानों की कुलदेवी और शक्तिपीठ

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🙏 जीण माता मंदिर 🙏

**जीण माता का परिचय:**

जीण माता **चौहान राजपूतों की कुलदेवी** हैं। वे **दुर्गा माता** का रूप हैं।

**स्थान:**
- **राज्य:** राजस्थान
- **जिला:** सीकर
- **स्थान:** रेलमगरा (रींगस)
- **पहाड़ियां:** अरावली
- **जयपुर से:** 108 किमी
- **दिल्ली से:** 290 किमी

**जीण माता की स्थापना कथा:**

**चौहान राजा:**

लगभग **1000 वर्ष पूर्व** राजस्थान में **चौहान राजवंश** का शासन था। राजा शक्तिशाली थे लेकिन शत्रु भी बहुत थे।

**देवी का आह्वान:**

एक बार चौहान राजा को **युद्ध** में जाना था। वे चिंतित थे। उन्होंने **दुर्गा माता** की आराधना की।

राजा ने प्रार्थना की:

"हे माता! हमें विजय दो। हम आपको अपनी **कुलदेवी** बनाएंगे।"

**युद्ध में विजय:**

माता दुर्गा प्रसन्न हुई। उन्होंने राजा को **स्वप्न** में दर्शन दिए:

"हे राजा! मैं **जीण माता** के रूप में तुम्हारी रक्षा करूंगी। तुम्हें विजय मिलेगी।"

युद्ध में चौहान राजा को **पूर्ण विजय** मिली।

**मंदिर की स्थापना:**

विजय के बाद राजा ने **रेलमगरा की पहाड़ी** पर जीण माता का मंदिर बनाया।

तभी से जीण माता **चौहान राजवंश की कुलदेवी** हैं।

**जीण का अर्थ:**

"जीण" शब्द का अर्थ है **पुराना/प्राचीन**। इस स्थान पर प्राचीन काल से देवी विराजमान हैं।

**शक्तिपीठ:**

जीण माता मंदिर को **शक्तिपीठ** माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता सती का कोई अंग गिरा था।

**मंदिर की विशेषताएं:**

**1. प्राचीन मूर्ति:**

मंदिर में माता की अत्यंत **प्राचीन मूर्ति** है।

**2. पहाड़ी पर स्थित:**

मंदिर **रेलमगरा पहाड़ी** पर है। ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां हैं।

**3. अरावली पर्वत:**

अरावली पर्वत श्रृंखला में होने से **प्राकृतिक सुंदरता** अद्भुत है।

**नवरात्रि मेला:**

जीण माता मंदिर में **नवरात्रि** के समय विशाल मेला लगता है।

**दो मेले:**
- **चैत्र नवरात्रि** (मार्च-अप्रैल)
- **आश्विन नवरात्रि** (सितंबर-अक्टूबर)

**मेले में:**
- लाखों श्रद्धालु
- विशेष पूजा-आरती
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- दुकानें और झूले

**कुलदेवी परंपरा:**

चौहान समाज के लोग:
- **नवरात्रि** में जीण माता के दर्शन करते हैं
- **विवाह** से पहले आशीर्वाद लेते हैं
- **नए काम** की शुरुआत पर आते हैं
- **संकट** में माता से प्रार्थना करते हैं

**आरती समय:**

- प्रातः आरती: 5:00 AM
- संध्या आरती: 7:00 PM

**विशेष पूजा:**

- **नवरात्रि** - 9 दिन विशेष पूजा
- **दुर्गा अष्टमी**
- **महानवमी**

**जीण माता कैसे पहुंचें:**

**हवाई मार्ग:**
- निकटतम हवाई अड्डा: **जयपुर** (108 किमी)

**रेल मार्ग:**
- निकटतम स्टेशन: **रींगस** (10 किमी)

**सड़क मार्ग:**
- जयपुर से: 108 किमी
- दिल्ली से: 290 किमी
- सीकर से: 30 किमी
- अच्छी सड़क, बस/टैक्सी

**ठहरने की व्यवस्था:**
- रींगस में धर्मशालाएं
- होटल
- नवरात्रि में विशेष व्यवस्था

**पास के स्थल:**

- **खाटू श्याम जी** (45 किमी)
- **सालासर बालाजी** (50 किमी)
- **सीकर** (30 किमी)

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

- चौहान राजपूतों की कुलदेवी
- 1000+ वर्ष पुराना मंदिर
- दुर्गा माता का रूप
- शक्तिपीठ माना जाता है
- रेलमगरा पहाड़ी पर
- अरावली पर्वत में
- नवरात्रि में विशाल मेला
- लाखों श्रद्धालु

🙏 जय जीण माता 🙏
🙏 जय माता दी 🙏