परिचय
Jeen Mata temple in Reengus hills, Sikar district, Rajasthan. Kuldevi of Chauhan Rajputs. 1000+ years old. Form of Durga. Gave victory to Chauhan king. Shaktipeeth. Fair during Chaitra and Ashwin Navratri. Lakhs visit. Ancient idol. Located on hill. Beautiful views.
जीण माता मंदिर | चौहानों की कुलदेवी और शक्तिपीठ
**जीण माता का परिचय:**
जीण माता **चौहान राजपूतों की कुलदेवी** हैं। वे **दुर्गा माता** का रूप हैं।
**स्थान:**
- **राज्य:** राजस्थान
- **जिला:** सीकर
- **स्थान:** रेलमगरा (रींगस)
- **पहाड़ियां:** अरावली
- **जयपुर से:** 108 किमी
- **दिल्ली से:** 290 किमी
**जीण माता की स्थापना कथा:**
**चौहान राजा:**
लगभग **1000 वर्ष पूर्व** राजस्थान में **चौहान राजवंश** का शासन था। राजा शक्तिशाली थे लेकिन शत्रु भी बहुत थे।
**देवी का आह्वान:**
एक बार चौहान राजा को **युद्ध** में जाना था। वे चिंतित थे। उन्होंने **दुर्गा माता** की आराधना की।
राजा ने प्रार्थना की:
"हे माता! हमें विजय दो। हम आपको अपनी **कुलदेवी** बनाएंगे।"
**युद्ध में विजय:**
माता दुर्गा प्रसन्न हुई। उन्होंने राजा को **स्वप्न** में दर्शन दिए:
"हे राजा! मैं **जीण माता** के रूप में तुम्हारी रक्षा करूंगी। तुम्हें विजय मिलेगी।"
युद्ध में चौहान राजा को **पूर्ण विजय** मिली।
**मंदिर की स्थापना:**
विजय के बाद राजा ने **रेलमगरा की पहाड़ी** पर जीण माता का मंदिर बनाया।
तभी से जीण माता **चौहान राजवंश की कुलदेवी** हैं।
**जीण का अर्थ:**
"जीण" शब्द का अर्थ है **पुराना/प्राचीन**। इस स्थान पर प्राचीन काल से देवी विराजमान हैं।
**शक्तिपीठ:**
जीण माता मंदिर को **शक्तिपीठ** माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता सती का कोई अंग गिरा था।
**मंदिर की विशेषताएं:**
**1. प्राचीन मूर्ति:**
मंदिर में माता की अत्यंत **प्राचीन मूर्ति** है।
**2. पहाड़ी पर स्थित:**
मंदिर **रेलमगरा पहाड़ी** पर है। ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां हैं।
**3. अरावली पर्वत:**
अरावली पर्वत श्रृंखला में होने से **प्राकृतिक सुंदरता** अद्भुत है।
**नवरात्रि मेला:**
जीण माता मंदिर में **नवरात्रि** के समय विशाल मेला लगता है।
**दो मेले:**
- **चैत्र नवरात्रि** (मार्च-अप्रैल)
- **आश्विन नवरात्रि** (सितंबर-अक्टूबर)
**मेले में:**
- लाखों श्रद्धालु
- विशेष पूजा-आरती
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- दुकानें और झूले
**कुलदेवी परंपरा:**
चौहान समाज के लोग:
- **नवरात्रि** में जीण माता के दर्शन करते हैं
- **विवाह** से पहले आशीर्वाद लेते हैं
- **नए काम** की शुरुआत पर आते हैं
- **संकट** में माता से प्रार्थना करते हैं
**आरती समय:**
- प्रातः आरती: 5:00 AM
- संध्या आरती: 7:00 PM
**विशेष पूजा:**
- **नवरात्रि** - 9 दिन विशेष पूजा
- **दुर्गा अष्टमी**
- **महानवमी**
**जीण माता कैसे पहुंचें:**
**हवाई मार्ग:**
- निकटतम हवाई अड्डा: **जयपुर** (108 किमी)
**रेल मार्ग:**
- निकटतम स्टेशन: **रींगस** (10 किमी)
**सड़क मार्ग:**
- जयपुर से: 108 किमी
- दिल्ली से: 290 किमी
- सीकर से: 30 किमी
- अच्छी सड़क, बस/टैक्सी
**ठहरने की व्यवस्था:**
- रींगस में धर्मशालाएं
- होटल
- नवरात्रि में विशेष व्यवस्था
**पास के स्थल:**
- **खाटू श्याम जी** (45 किमी)
- **सालासर बालाजी** (50 किमी)
- **सीकर** (30 किमी)
**महत्वपूर्ण तथ्य:**
- चौहान राजपूतों की कुलदेवी
- 1000+ वर्ष पुराना मंदिर
- दुर्गा माता का रूप
- शक्तिपीठ माना जाता है
- रेलमगरा पहाड़ी पर
- अरावली पर्वत में
- नवरात्रि में विशाल मेला
- लाखों श्रद्धालु
🙏 जय जीण माता 🙏
🙏 जय माता दी 🙏