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सांवरिया सेठ - श्याम बाबा का व्यापारियों का देवता

सांवरिया सेठ राजस्थान का प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर है। यह चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया गांव में स्थित है। सांवरिया सेठ का अर्थ है सांवले (श्याम) सेठ जी। मंदिर की स्थापना कथा अनोखी है। भोलाराम गुर्जर नाम के भक्त को सपने में कृष्ण ने दर्शन दिए। खेत में खुदाई करने पर तीन मूर्तियां मिलीं। तीनों भाई भोलाराम, मानकराम और बालकराम ने तीन स्थानों पर मंदिर बनाए। मंडफिया का मंदिर सबसे प्रसिद्ध है। व्यापारियों और दुकानदारों के आराध्य देव हैं। नए व्यापार की शुरुआत यहां से होती है। प्रसाद बिजनेस में रखा जाता है।

प्रसिद्ध मंदिर
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परिचय

सांवरिया सेठ राजस्थान का प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर। चित्तौड़गढ़ के मंडफिया में। भोलाराम गुर्जर को स्वप्न आया। खेत में तीन मूर्तियां मिलीं। तीन भाइयों ने तीन मंदिर बनाए। मंडफिया सबसे प्रसिद्ध। व्यापारियों के आराध्य देव। नए बिजनेस की शुरुआत यहां से। प्रसाद दुकान में रखा जाता है। सांवले सेठ जी।

Sawariya Seth is famous Krishna temple of Rajasthan. In Mandphiya, Chittorgarh. Bholaram Gurjar had dream. Found three idols in field. Three brothers built three temples. Mandphiya most famous. Deity of businessmen. New business starts from here. Prasad kept in shop. Sawariya (dark) Seth ji.

सांवरिया सेठ मंदिर | श्याम बाबा व्यापारियों के देवता की कथा

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🙏 सांवरिया सेठ मंदिर 🙏

**सांवरिया सेठ का परिचय:**

सांवरिया सेठ **भगवान कृष्ण** का रूप है। "सांवरिया" का अर्थ है **सांवला (श्याम)** और "सेठ" का अर्थ है **धनी व्यापारी**।

**स्थान:**
- **राज्य:** राजस्थान
- **जिला:** चित्तौड़गढ़
- **गांव:** मंडफिया
- **उदयपुर से:** 45 किमी
- **चित्तौड़गढ़ से:** 40 किमी

**सांवरिया सेठ की स्थापना कथा:**

**भोलाराम गुर्जर:**

लगभग **400 वर्ष पूर्व** मंडफिया गांव में **भोलाराम गुर्जर** नाम के एक किसान रहते थे। उनके दो भाई थे - **मानकराम** और **बालकराम**।

**स्वप्न में दर्शन:**

एक रात भोलाराम को **स्वप्न** आया। स्वप्न में **भगवान कृष्ण** प्रकट हुए और कहा:

"हे भोलाराम! मैं तुम्हारे खेत में हूं। कल खुदाई करना।"

**खेत में मूर्तियां:**

अगले दिन भोलाराम ने अपने खेत में खुदाई की। उन्हें **तीन मूर्तियां** मिलीं:
- तीनों **कृष्ण की मूर्तियां**
- अत्यंत सुंदर
- दिव्य प्रकाश

**तीन भाइयों का निर्णय:**

तीनों भाई खुश हुए। उन्होंने निर्णय लिया:
- **भोलाराम** - मंडफिया में मंदिर बनाएंगे
- **मानकराम** - भवांस गांव में मंदिर बनाएंगे
- **बालकराम** - चाणोद गांव में मंदिर बनाएंगे

**तीन मंदिर:**

तीनों भाइयों ने अपने-अपने गांव में **सांवरिया सेठ** का मंदिर बनाया:

**1. मंडफिया (भोलाराम)** - सबसे प्रसिद्ध
**2. भवांस (मानकराम)**
**3. चाणोद (बालकराम)**

**मंडफिया क्यों प्रसिद्ध:**

मंडफिया का मंदिर **सबसे अधिक प्रसिद्ध** हो गया क्योंकि:
- यहां सबसे पहले मूर्ति मिली
- भोलाराम की गहरी भक्ति
- अधिक चमत्कार

**व्यापारियों के देवता:**

सांवरिया सेठ **व्यापारियों और दुकानदारों** के आराध्य देव हैं।

**कारण:**
- "सेठ" का अर्थ धनी व्यापारी
- व्यापार में सफलता देते हैं
- धन-धान्य की वृद्धि

**व्यापार की परंपरा:**

**1. नए व्यापार की शुरुआत:**

व्यापारी **नया बिजनेस** शुरू करने से पहले सांवरिया सेठ के दर्शन करते हैं।

**2. प्रसाद दुकान में:**

सांवरिया सेठ का **प्रसाद** दुकान या व्यापार स्थल पर रखा जाता है। मान्यता है कि इससे व्यापार में वृद्धि होती है।

**3. तिजोरी में प्रसाद:**

कुछ व्यापारी प्रसाद **तिजोरी** में रखते हैं।

**मंदिर की विशेषताएं:**

**1. मूर्ति:**

- काले रंग की कृष्ण मूर्ति
- सुंदर आभूषण
- मुकुट

**2. दर्शन:**

- प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु
- व्यापारी विशेष रूप से आते हैं

**3. प्रसाद:**

- मिष्ठान
- चरणामृत

**आरती समय:**

- प्रातः आरती: 5:00 AM
- संध्या आरती: 7:00 PM

**विशेष त्योहार:**

- **जन्माष्टमी** - भव्य उत्सव
- **होली**
- **दीपावली**

**सांवरिया सेठ कैसे पहुंचें:**

**हवाई मार्ग:**
- निकटतम हवाई अड्डा: **उदयपुर** (45 किमी)

**रेल मार्ग:**
- निकटतम स्टेशन: **चित्तौड़गढ़** (40 किमी)
- **मावली** (30 किमी)

**सड़क मार्ग:**
- उदयपुर से: 45 किमी
- चित्तौड़गढ़ से: 40 किमी
- राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर

**ठहरने की व्यवस्था:**
- मंडफिया में धर्मशालाएं
- उदयपुर में होटल

**आसपास के स्थल:**

- **चित्तौड़गढ़ किला** (40 किमी)
- **हल्दीघाटी** (40 किमी)
- **उदयपुर** (45 किमी)

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

- व्यापारियों के आराध्य देव
- 400 वर्ष पुराना मंदिर
- भोलाराम गुर्जर द्वारा स्थापित
- खेत में तीन मूर्तियां मिलीं
- तीन भाइयों ने तीन मंदिर बनाए
- मंडफिया सबसे प्रसिद्ध
- नए व्यापार की शुरुआत यहां से
- प्रसाद दुकान/तिजोरी में रखा जाता है

🙏 जय सांवरिया सेठ 🙏
🙏 श्याम बाबा की जय 🙏