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द्वारकाधीश मंदिर मथुरा उत्तर प्रदेश - काले कृष्ण का भव्य मंदिर

द्वारकाधीश मंदिर मथुरा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे भव्य कृष्ण मंदिर है। 1814 में ग्वालियर के खजांची सेठ गोकुलदास पारीख द्वारा निर्मित। काले रंग की अत्यंत सुंदर कृष्ण मूर्ति। मराठा शैली की वास्तुकला। लाल बलुआ पत्थर। विशाल गुंबद और शिखर। मंदिर में कृष्ण और राधा की मूर्तियां। जन्माष्टमी और होली पर भव्य उत्सव। झूला उत्सव श्रावण में प्रसिद्ध। मथुरा शहर के मध्य में स्थित। यमुना नदी के निकट। रोज हजारों भक्त। मथुरा का प्रमुख दर्शनीय स्थल। दिल्ली से 150 किमी।

प्रसिद्ध मंदिर
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परिचय

द्वारकाधीश मथुरा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा कृष्ण मंदिर। 1814 में सेठ गोकुलदास पारीख निर्मित। काली कृष्ण मूर्ति अत्यंत सुंदर। मराठा शैली लाल बलुआ पत्थर। विशाल गुंबद शिखर। राधा-कृष्ण मूर्तियां। जन्माष्टमी होली भव्य उत्सव। झूला उत्सव श्रावण में। मथुरा शहर मध्य। यमुना नदी निकट। हजारों भक्त रोज। मथुरा प्रमुख स्थल।

Dwarkadhish is Mathura's largest Krishna temple in Uttar Pradesh. Built in 1814 by Seth Gokuladaspuri Parikh. Beautiful black Krishna idol. Maratha style red sandstone. Huge dome and shikhara. Radha-Krishna idols. Grand Janmashtami Holi festivals. Jhoola festival in Shravan. Mathura city center. Near Yamuna river. Thousands daily. Mathura major site.

द्वारकाधीश मंदिर मथुरा | कृष्ण का भव्य मंदिर उत्तर प्रदेश

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🙏 द्वारकाधीश मंदिर मथुरा 🙏

**द्वारकाधीश मंदिर का परिचय:**

द्वारकाधीश मंदिर **उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर** का सबसे बड़ा और सबसे भव्य कृष्ण मंदिर है।

**स्थान:**
- **राज्य:** उत्तर प्रदेश
- **शहर:** मथुरा (शहर के मध्य में)
- **कृष्ण जन्मभूमि से:** 2 किमी
- **दिल्ली से:** 150 किमी

**मंदिर का निर्माण:**

**समय:** 1814 ई.

**निर्माता:** **सेठ गोकुलदास पारीख** (ग्वालियर के खजांची)

सेठ गोकुलदास कृष्ण के परम भक्त थे। उन्होंने अपनी संपत्ति से मथुरा में यह भव्य मंदिर बनवाया।

**वास्तुकला:**

**शैली:** **मराठा वास्तुकला**

**निर्माण सामग्री:**
- **लाल बलुआ पत्थर**
- सुंदर नक्काशी

**विशेषताएं:**
- विशाल **गुंबद**
- ऊंचा **शिखर**
- सुंदर **मीनारें**
- विशाल प्रांगण

**मूर्तियां:**

**1. द्वारकाधीश (कृष्ण):**

मुख्य मूर्ति **काले रंग** की कृष्ण मूर्ति है। अत्यंत सुंदर और आकर्षक।

**मुद्रा:** खड़े हुए, बांसुरी हाथ में

**2. राधा रानी:**

कृष्ण के साथ राधा रानी की भी मूर्ति है।

**सज्जा:**

मूर्तियों को सुंदर **वस्त्र, आभूषण और फूलों** से सजाया जाता है। हर मौसम के अनुसार अलग सज्जा।

**त्योहार:**

**1. जन्माष्टमी:**

मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव अत्यंत भव्य होता है। द्वारकाधीश मंदिर में विशेष उत्सव:
- **मध्यरात्रि** को कृष्ण जन्म उत्सव
- विशेष सज्जा और झांकी
- **लाखों भक्त** आते हैं
- भजन-कीर्तन पूरी रात

**2. होली:**

मथुरा की होली विश्व प्रसिद्ध है। द्वारकाधीश मंदिर में:
- **फूलों की होली**
- रंगों का उत्सव
- विशेष कार्यक्रम

**3. झूला उत्सव:**

**समय:** श्रावण मास (जुलाई-अगस्त)

राधा-कृष्ण को **सोने के झूले** में बैठाकर झुलाया जाता है। भक्त भी झूला झुलाते हैं।

**आरती समय:**

**सुबह:**
- मंगला आरती: 5:00 AM
- श्रृंगार आरती: 8:00 AM

**दोपहर:**
- राजभोग आरती: 12:00 PM

**शाम:**
- संध्या आरती: 6:00 PM
- शयन आरती: 9:00 PM

**दर्शन समय:**

**सुबह:** 5:00 AM - दोपहर 12:30 PM
**शाम:** 4:30 PM - रात 9:30 PM

**दोपहर बंद:** कृष्ण के विश्राम के लिए

**द्वारकाधीश मंदिर कैसे पहुंचें:**

**मथुरा रेलवे स्टेशन से:** 2 किमी

**ऑटो/रिक्शा:** 20-30 रुपए

**पैदल:** 20-25 मिनट

**पास के स्थल:**

- **कृष्ण जन्मभूमि** (2 किमी)
- **विश्राम घाट** (1 किमी)
- **गीता मंदिर**
- **यमुना नदी** (निकट)

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

- उत्तर प्रदेश के मथुरा में
- 1814 में सेठ गोकुलदास निर्मित
- मथुरा का सबसे बड़ा मंदिर
- काली कृष्ण मूर्ति
- मराठा शैली वास्तुकला
- लाल बलुआ पत्थर
- जन्माष्टमी होली भव्य
- झूला उत्सव प्रसिद्ध
- रोज हजारों भक्त

🙏 राधे राधे 🙏
🙏 जय द्वारकाधीश 🙏