पीपल पथवारी की कहानी (Peepal Pathwari ki Katha)
एक गूज़री थी । उसने अपनी बहू से कहा कि तू दूध – दही बेच आ । तो वह दूध – दही बेचने गई । कार्तिक महीना था । वहां पर सब औरतें पीपल सींचने आत...
पढ़ें →हिन्दू पंचांग और तिथियाँ—मासिक तिथि, त्योहार और व्रत‑दिनों की संपूर्ण जानकारी और उपयोगी नोट्स।
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पढ़ें →जाटका—भाटका की कहानी | विश्राम देवता की कहानी | नगर बसेरा की कहानी विश्राम देवता के समय किसी गाँव में एक भाटका और एक जाटका रहते थे; दो...
पढ़ें →एक लपसी था और एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोज़ सवा सेर की लपसी बनाकर भगवान का भोग लगाकर ग्रहण कर लेता थ...
पढ़ें →एक मेंढक और एक मेंढकी थे। मेंढकी रोज गणेशजी का नाम लेती थी। एक दिन मेंढक ने कहा, "तू पराये पुरुष का नाम क्यों लेती है? अगर तू नाम लेगी तो...
पढ़ें →एक साहूकार की दो बेटियाँ थीं। दोनों बेटियाँ पूर्णिमा का व्रत रखती थीं। बड़ी बेटी पूर्ण व्रत करती थी, पर छोटी बेटी अधूरा व्रत रखती थी। ...
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