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विश्राम घाट मथुरा उत्तर प्रदेश - कंस वध के बाद कृष्ण का विश्राम स्थल

विश्राम घाट मथुरा उत्तर प्रदेश का सबसे पवित्र और प्रमुख घाट है। यमुना नदी के किनारे स्थित। मान्यता है कि कंस के वध के बाद भगवान कृष्ण ने यहां विश्राम किया था। इसलिए इसे विश्राम घाट कहते हैं। यमुना आरती का मुख्य स्थल। शाम को सैकड़ों दीपक जलाए जाते हैं। घाट पर अनेक मंदिर और धर्मशालाएं। मुरली मनोहर मंदिर यहीं है। गंगा की तरह यमुना में स्नान पवित्र माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर विशाल मेला। दीपावली पर दीपदान। मथुरा शहर का केंद्र। लाखों तीर्थयात्री प्रतिवर्ष। मथुरा का हृदय।

प्रसिद्ध मंदिर
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परिचय

विश्राम घाट मथुरा उत्तर प्रदेश का सबसे पवित्र घाट। यमुना नदी किनारे। कंस वध बाद कृष्ण ने विश्राम किया मान्यता। यमुना आरती मुख्य स्थल। शाम सैकड़ों दीपक। अनेक मंदिर धर्मशालाएं। मुरली मनोहर मंदिर। यमुना स्नान पवित्र। कार्तिक पूर्णिमा मेला। दीपावली दीपदान। मथुरा केंद्र। लाखों तीर्थयात्री। मथुरा हृदय।

Vishram Ghat is most sacred ghat in Mathura, Uttar Pradesh. On Yamuna river bank. Belief Krishna rested here after Kansa vadh. Main Yamuna aarti place. Evening hundreds of lamps. Many temples dharamshalas. Murali Manohar temple. Yamuna bath sacred. Kartik Purnima fair. Diwali deepdan. Mathura center. Lakhs pilgrims. Mathura heart.

विश्राम घाट मथुरा | कंस वध के बाद कृष्ण विश्राम स्थल उत्तर प्रदेश

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🙏 विश्राम घाट मथुरा 🙏

**विश्राम घाट का परिचय:**

विश्राम घाट **उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर** का सबसे पवित्र और प्रमुख घाट है।

**स्थान:**
- **राज्य:** उत्तर प्रदेश
- **शहर:** मथुरा (शहर के मध्य में)
- **नदी:** यमुना
- **कृष्ण जन्मभूमि से:** 1 किमी
- **द्वारकाधीश मंदिर से:** 1 किमी

**विश्राम घाट का इतिहास:**

**नाम का अर्थ:**

"**विश्राम**" का अर्थ है "**आराम करना**" या "**विश्राम करना**"।

**कंस वध की कथा:**

**कंस का वध:**

जब कृष्ण और बलराम **मथुरा** आए तो उन्होंने अपने मामा **कंस** (अत्याचारी राजा) का वध किया।

**कुश्ती अखाड़े** में कंस को मारने के बाद कृष्ण और बलराम **यमुना नदी** के इस घाट पर आए।

**विश्राम:**

यहां उन्होंने:
- यमुना में **स्नान** किया
- थकान दूर की
- **विश्राम** किया

तभी से इस घाट को **विश्राम घाट** कहा जाता है।

**विश्राम घाट की विशेषताएं:**

**1. यमुना नदी:**

विश्राम घाट **यमुना नदी** के तट पर बना है। यमुना कृष्ण की प्रिय नदी है।

**स्नान का महत्व:**

यमुना में स्नान अत्यंत पवित्र माना जाता है:
- पापों का नाश
- पितरों का तर्पण
- मोक्ष का मार्ग

**2. यमुना आरती:**

विश्राम घाट पर **रोज शाम को यमुना आरती** होती है।

**समय:** सूर्यास्त के समय (लगभग 6:00-7:00 PM)

**आरती में:**
- **सैकड़ों दीपक** जलाए जाते हैं
- पुजारी घंटी बजाकर आरती करते हैं
- भजन-कीर्तन
- भक्त यमुना में दीप प्रवाहित करते हैं

यह दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है।

**3. मुरली मनोहर मंदिर:**

विश्राम घाट पर **मुरली मनोहर मंदिर** है।

**मुरली मनोहर:**
- कृष्ण का नाम (बांसुरी बजाने वाले)
- सुंदर कृष्ण मूर्ति
- मंदिर में दर्शन

**4. अनेक मंदिर:**

घाट के आसपास अनेक छोटे-बड़े मंदिर हैं:
- राधा-कृष्ण मंदिर
- हनुमान मंदिर
- शिव मंदिर

**5. धर्मशालाएं:**

तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं।

**त्योहार और मेले:**

**1. कार्तिक पूर्णिमा:**

**समय:** कार्तिक मास की पूर्णिमा (अक्टूबर-नवंबर)

**विशेषता:**
- **विशाल मेला** लगता है
- लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं
- यमुना में दीप प्रवाहित करते हैं
- पूरा घाट दीपकों से जगमगाता है

**2. दीपावली:**

दीपावली पर **दीपदान** का विशेष महत्व:
- यमुना में हजारों दीप प्रवाहित किए जाते हैं
- अत्यंत सुंदर दृश्य

**3. जन्माष्टमी:**

कृष्ण जन्माष्टमी पर भी विशेष उत्सव और स्नान।

**घाट की संरचना:**

**पक्के घाट:**

विश्राम घाट पूरी तरह **पक्का** (संगमरमर और पत्थर) बना है।

**सीढ़ियां:**

यमुना तक जाने के लिए **चौड़ी सीढ़ियां** हैं।

**छतरियां:**

घाट पर कुछ **छतरियां** (छोटे मंडप) भी हैं जहां बैठा जा सकता है।

**विश्राम घाट का महत्व:**

**1. मथुरा का हृदय:**

विश्राम घाट को **मथुरा का हृदय** माना जाता है। यह शहर का सबसे जीवंत स्थान है।

**2. धार्मिक महत्व:**

कृष्ण से जुड़ा होने के कारण अत्यंत पवित्र।

**3. सामाजिक केंद्र:**

स्थानीय लोग यहां:
- सुबह-शाम आते हैं
- पूजा-अर्चना करते हैं
- यमुना स्नान करते हैं

**विश्राम घाट कैसे पहुंचें:**

**मथुरा रेलवे स्टेशन से:** 1 किमी (रिक्शा/ऑटो/पैदल)

**कृष्ण जन्मभूमि से:** 1 किमी (पैदल)

**आसपास के स्थल:**

- **द्वारकाधीश मंदिर** (1 किमी)
- **कृष्ण जन्मभूमि** (1 किमी)
- **गीता मंदिर**

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

- उत्तर प्रदेश के मथुरा में
- यमुना नदी पर सबसे पवित्र घाट
- कंस वध बाद कृष्ण ने विश्राम किया
- रोज शाम यमुना आरती
- मुरली मनोहर मंदिर यहीं
- कार्तिक पूर्णिमा विशाल मेला
- दीपावली पर दीपदान
- मथुरा का हृदय और केंद्र
- लाखों तीर्थयात्री प्रतिवर्ष

🙏 जय यमुना मैया 🙏
🙏 राधे राधे 🙏