होम / Aarti / भगवान नरसिंह की आरती (Aarti of Lord Narasimha)

भगवान नरसिंह की आरती (Aarti of Lord Narasimha)

भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की आरती भय, संकट और अधर्म से रक्षा करने वाली मानी जाती है। प्रहलाद के रक्षक प्रभु नरसिंह की यह स्तुति साहस, विश्वास और आत्मबल प्रदान करती है। कठिन समय में श्रद्धा से इस आरती का पाठ करना अत्यंत प्रभावशाली और कल्याणकारी होता है।

Aarti Gods Aarti
📖

परिचय

श्री नरसिंह भगवान की आरती उनके तेजस्वी, दीनदया और दुष्ट-विनाशक अवसर का गुणगान है — इसे श्रद्धा से पढ़ने पर भय और संकटों से मुक्ति की प्रार्थना होती है।

भगवान नरसिंह की आरती (Aarti of Lord Narasimha)

PDF

॥ आरती — श्री नरसिंह भगवान की ॥
ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।
स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, जन का ताप हरे॥
ॐ जय नरसिंह हरे॥

तुम हो दीनदयाला, भक्तन हितकारी — प्रभु भक्तन हितकारी।
अद्भुत रूप बनाकर, प्रकटे भय हारी॥
ॐ जय नरसिंह हरे॥

सब के ह्रदय विदारण, दुष्यु जियो मारी — प्रभु दुष्यु जियो मारी।
दास जान अपनायो, जन पर कृपा करी॥
ॐ जय नरसिंह हरे॥

ब्रह्मा करत आरती, माला पहिनावे — प्रभु माला पहिनावे।
शिवजी जय‑जय कहकर, पुष्प बरसावे॥
ॐ जय नरसिंह हरे॥