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शर्कररे देवी - दिव्य दृष्टि की पवित्र शक्तिपीठ पाकिस्तान

शर्कररे देवी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में विराजमान 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत पवित्र और सिद्ध पीठ हैं। यहाँ माँ सती की आँखें गिरी थीं। माँ शर्कररे देवी दिव्य दृष्टि और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी हैं जो अपने भक्तों को सही मार्ग दिखाती हैं। माँ की कृपा से नेत्र रोग दूर होते हैं और आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है।

51 शक्तिपीठ
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परिचय

शर्कररे देवी शक्तिपीठ पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है। यह 51 शक्तिपीठों में से एक है जहाँ माँ सती की आँखें गिरी थीं। माँ शर्कररे दिव्य दृष्टि और ज्ञान की देवी हैं जो अपने भक्तों को सही मार्ग दिखाती हैं।

Sharkare Devi Shaktipeeth is situated in Sindh province of Pakistan. It is one of the 51 Shaktipeeths where Goddess Sati's eyes fell. Maa Sharkare is the goddess of divine vision and knowledge who shows the right path to her devotees.

शर्कररे देवी - शक्तिपीठ पाकिस्तान | माँ सती की आँखों का पवित्र शक्तिपीठ

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शर्कररे देवी - दिव्य दृष्टि की पवित्र शक्तिपीठ

शर्कररे देवी शक्तिपीठ पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है। यह 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत पवित्र और सिद्ध पीठ है। यहाँ माँ सती की आँखें गिरी थीं इसीलिए यह स्थान अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है।

माँ शर्कररे देवी दिव्य दृष्टि और ज्ञान की देवी मानी जाती हैं। माँ की आँखों से निकलने वाली दिव्य शक्ति अपने भक्तों को सही मार्ग दिखाती है। पाकिस्तान में स्थित होने के कारण यह शक्तिपीठ आज भारतीय श्रद्धालुओं के लिए दुर्गम है लेकिन माँ की महिमा और शक्ति अपरंपार है।

शर्कररे देवी का महत्व

शर्कररे देवी को दिव्य दृष्टि की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। जो भक्त नेत्र रोग या किसी भी प्रकार की दृष्टि दोष से पीड़ित हों उनके लिए माँ शर्कररे देवी की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। माँ की कृपा से भक्तों को न केवल नेत्र ज्योति बल्कि आत्मज्ञान की भी प्राप्ति होती है।

शर्कररे देवी के भैरव

प्रत्येक शक्तिपीठ के साथ भैरव का स्थान होता है। शर्कररे देवी शक्तिपीठ के भैरव क्रोमश रूप में पूजे जाते हैं। शक्तिपीठ दर्शन के साथ भैरव दर्शन भी अनिवार्य माना जाता है।

शर्कररे देवी की पूजा विधि

माँ शर्कररे देवी की पूजा में लाल फूल सिंदूर लाल वस्त्र और नारियल का विशेष महत्व है। दुर्गा सप्तशती देवी कवच और नेत्र स्तोत्र का पाठ माँ को अत्यंत प्रिय है। नवरात्रि और अष्टमी के समय माँ की विशेष पूजा का आयोजन होता है।

शर्कररे देवी का धार्मिक महत्व

शर्कररे देवी को 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत शक्तिशाली पीठ माना जाता है। माँ की आँखें गिरने से यह स्थान दिव्य दृष्टि और ज्ञान का केंद्र बन गया। पाकिस्तान में स्थित होने के बावजूद माँ की महिमा और भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं है। माँ की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।