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प्रेम मंदिर वृंदावन उत्तर प्रदेश - संगमरमर का भव्य राधा कृष्ण मंदिर

प्रेम मंदिर वृंदावन उत्तर प्रदेश का आधुनिक और भव्य राधा-कृष्ण मंदिर है। जगद्गुरु कृपालु जी महाराज द्वारा 2012 में स्थापित। सफेद इतालियन संगमरमर से निर्मित। 54 एकड़ में फैला विशाल परिसर। मंदिर में राधा-कृष्ण और सीता-राम दोनों की मूर्तियां। दीवारों पर राधा-कृष्ण की लीलाओं की सुंदर नक्काशी। रात में रंगीन LED लाइटों से पूरा मंदिर जगमगाता है। संगीतमय फव्वारा शो। सुंदर बगीचे और कृत्रिम झरने। 11 वर्ष में निर्मित। निशुल्क प्रवेश। लाखों पर्यटक प्रतिवर्ष। वृंदावन का नवीनतम आकर्षण।

प्रसिद्ध मंदिर
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परिचय

प्रेम मंदिर वृंदावन उत्तर प्रदेश में जगद्गुरु कृपालु जी द्वारा 2012 में स्थापित। सफेद इतालियन संगमरमर। 54 एकड़ परिसर। राधा-कृष्ण और सीता-राम मूर्तियां। दीवारों पर लीलाओं की नक्काशी। रात में रंगीन LED लाइट शो। संगीतमय फव्वारा। सुंदर बगीचे। 11 वर्ष निर्माण। निशुल्क प्रवेश। लाखों पर्यटक। वृंदावन UP का नवीनतम मंदिर।

Prem Mandir in Vrindavan, Uttar Pradesh established by Jagadguru Kripalu Ji in 2012. White Italian marble. 54 acre complex. Radha-Krishna and Sita-Ram idols. Leela carvings on walls. Colorful LED light show at night. Musical fountain. Beautiful gardens. 11 years construction. Free entry. Lakhs of tourists. Vrindavan UP's newest temple.

प्रेम मंदिर वृंदावन | संगमरमर का राधा कृष्ण मंदिर उत्तर प्रदेश

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🙏 प्रेम मंदिर वृंदावन 🙏

**प्रेम मंदिर का परिचय:**

प्रेम मंदिर **उत्तर प्रदेश के वृंदावन** में स्थित एक आधुनिक और अत्यंत भव्य राधा-कृष्ण मंदिर है।

**स्थान:**
- **राज्य:** उत्तर प्रदेश
- **शहर:** वृंदावन
- **जिला:** मथुरा
- **मथुरा से:** 15 किमी
- **दिल्ली से:** 160 किमी

**स्थापना कथा:**

**जगद्गुरु कृपालु जी महाराज:**

**जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज** (1922-2013) महान संत और राधा-कृष्ण भक्त थे।

उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य **प्रेम भक्ति** (राधा-कृष्ण के प्रति प्रेम) का प्रचार किया।

**प्रेम मंदिर का सपना:**

कृपालु जी महाराज चाहते थे कि **वृंदावन** (राधा-कृष्ण की लीला भूमि) में एक ऐसा मंदिर बने जो:
- अत्यंत भव्य और सुंदर हो
- राधा-कृष्ण की लीलाओं को दर्शाए
- सभी के लिए खुला हो

**निर्माण (2001-2012):**

**2001 में** निर्माण शुरू हुआ। **11 वर्ष** की मेहनत के बाद **2012 में** मंदिर का उद्घाटन हुआ।

**मंदिर की विशेषताएं:**

**1. संगमरमर का निर्माण:**

पूरा मंदिर **सफेद इतालियन संगमरमर** से बना है।

**संगमरमर की मात्रा:** हजारों टन संगमरमर इटली से मंगवाया गया।

**2. विशाल परिसर:**

मंदिर परिसर **54 एकड़** में फैला है।

**3. मुख्य देवता:**

मंदिर में **दो भाग** हैं:

**पहला भाग:** **राधा-कृष्ण**
- मुख्य मूर्ति
- राधा रानी और कृष्ण
- अत्यंत सुंदर और आकर्षक

**दूसरा भाग:** **सीता-राम**
- सीता माता और राम भगवान
- लक्ष्मण और हनुमान भी

**4. नक्काशी और मूर्तिकला:**

मंदिर की **दीवारों** पर राधा-कृष्ण की लीलाओं की **सुंदर नक्काशी**:
- रास लीला
- कृष्ण की बाल लीलाएं
- राधा-कृष्ण मिलन
- गोपियों के साथ क्रीड़ा

सभी नक्काशी **संगमरमर** पर की गई है।

**5. रंगीन लाइट शो:**

प्रेम मंदिर की सबसे प्रसिद्ध विशेषता **रात का लाइट शो** है।

**समय:** सूर्यास्त के बाद (शाम 7:00 PM से)

**विशेषता:**
- पूरा मंदिर **रंग-बिरंगी LED लाइटों** से जगमगाता है
- हर कुछ मिनट में रंग बदलते हैं
- लाल, नीला, हरा, पीला, गुलाबी
- अत्यंत मनमोहक दृश्य

**6. संगीतमय फव्वारा:**

मंदिर के सामने **संगीतमय फव्वारा शो** होता है।

**समय:** शाम 7:30 PM से 8:30 PM

**विशेषता:**
- संगीत के साथ पानी नृत्य करता है
- रंगीन लाइटें
- 20-25 मिनट का शो

**7. सुंदर बगीचे:**

मंदिर परिसर में:
- फूलों के बगीचे
- हरी घास
- कृत्रिम झरने
- बैठने की व्यवस्था

**दर्शन समय:**

**गर्मी (मार्च-अक्टूबर):**
- सुबह: 5:30 AM - 12:30 PM
- शाम: 4:30 PM - 9:30 PM

**सर्दी (नवंबर-फरवरी):**
- सुबह: 5:30 AM - 12:00 PM
- शाम: 4:00 PM - 8:30 PM

**प्रवेश:** निःशुल्क (कोई टिकट नहीं)

**नियम:**

**1. फोटोग्राफी:**
- मंदिर के **अंदर** फोटो/वीडियो वर्जित
- बाहर बगीचे में फोटो ले सकते हैं

**2. जूते:**
- मंदिर में प्रवेश से पहले जूते उतारने होंगे

**3. मोबाइल:**
- मंदिर के अंदर मोबाइल बंद रखें

**त्योहार:**

- **जन्माष्टमी** - भव्य उत्सव
- **राधाष्टमी** - राधा रानी का जन्मोत्सव
- **होली**
- **दीपावली**

**प्रेम मंदिर कैसे पहुंचें:**

**मथुरा से:** 15 किमी (ऑटो/टैक्सी)

**दिल्ली से:**
- बस/ट्रेन मथुरा (150 किमी)
- फिर वृंदावन (15 किमी)

**आगरा से:** 70 किमी

**ठहरने की व्यवस्था:**

वृंदावन में अनेक होटल और धर्मशालाएं उपलब्ध हैं।

**पास के स्थल:**

- **बांके बिहारी मंदिर** (3 किमी)
- **इस्कॉन मंदिर** (2 किमी)
- **निधिवन** (4 किमी)

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

- उत्तर प्रदेश के वृंदावन में
- 2012 में स्थापित
- जगद्गुरु कृपालु जी महाराज द्वारा
- 11 वर्ष में निर्मित
- सफेद इतालियन संगमरमर
- 54 एकड़ परिसर
- राधा-कृष्ण और सीता-राम
- रंगीन लाइट शो रात में
- संगीतमय फव्वारा
- निशुल्क प्रवेश
- लाखों पर्यटक प्रतिवर्ष

🙏 राधे राधे 🙏
🙏 जय श्री कृष्ण 🙏