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इस्कॉन मंदिर वृंदावन उत्तर प्रदेश - कृष्ण बलराम मंदिर

इस्कॉन मंदिर वृंदावन उत्तर प्रदेश का एक भव्य और आधुनिक कृष्ण मंदिर है। यह श्रील प्रभुपाद द्वारा स्थापित ISKCON (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस) संगठन का मुख्य मंदिर है। 1975 में स्थापित। संगमरमर से निर्मित भव्य मंदिर। मुख्य देवता कृष्ण-बलराम हैं। राधा श्यामसुंदर और गौर-नित्यानंद भी विराजमान। श्रील प्रभुपाद की समाधि यहीं है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर का मंदिर। भव्य आरती और भजन कीर्तन। प्रसाद की उत्तम व्यवस्था। गेस्ट हाउस की सुविधा। वृंदावन का प्रमुख पर्यटन स्थल।

प्रसिद्ध मंदिर
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परिचय

इस्कॉन मंदिर वृंदावन उत्तर प्रदेश में स्थित भव्य कृष्ण मंदिर। श्रील प्रभुपाद द्वारा 1975 में स्थापित। ISKCON का मुख्य मंदिर। संगमरमर से निर्मित। कृष्ण-बलराम मुख्य देवता। राधा श्यामसुंदर, गौर-नित्यानंद भी। श्रील प्रभुपाद समाधि। भव्य आरती। हरे कृष्ण महामंत्र। गेस्ट हाउस सुविधा। वृंदावन UP का प्रमुख मंदिर।

ISKCON temple in Vrindavan, Uttar Pradesh is grand Krishna temple. Established by Srila Prabhupada in 1975. Main ISKCON temple. Built of marble. Krishna-Balaram main deities. Radha Shyamsundar, Gaura-Nityananda also. Srila Prabhupada samadhi. Grand arati. Hare Krishna mahamantra. Guest house facility. Major Vrindavan UP temple.

इस्कॉन मंदिर वृंदावन | कृष्ण बलराम मंदिर उत्तर प्रदेश

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🙏 इस्कॉन मंदिर वृंदावन 🙏

**इस्कॉन मंदिर का परिचय:**

इस्कॉन मंदिर **उत्तर प्रदेश के वृंदावन** में स्थित एक भव्य और आधुनिक कृष्ण मंदिर है।

**स्थान:**
- **राज्य:** उत्तर प्रदेश
- **शहर:** वृंदावन
- **जिला:** मथुरा
- **मथुरा से:** 15 किमी
- **दिल्ली से:** 160 किमी

**ISKCON का अर्थ:**

**ISKCON** = International Society for Krishna Consciousness
(इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस)

हिंदी में: **अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ**

**स्थापना कथा:**

**श्रील प्रभुपाद:**

**श्रील प्रभुपाद** (A.C. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद) ने **1966 में अमेरिका** में ISKCON संगठन की स्थापना की।

उनका उद्देश्य था **विश्व भर** में **कृष्ण भक्ति** फैलाना।

**हरे कृष्ण आंदोलन:**

श्रील प्रभुपाद ने **हरे कृष्ण महामंत्र** का प्रचार किया:

"**हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।**"

**वृंदावन मंदिर (1975):**

श्रील प्रभुपाद की इच्छा थी कि **वृंदावन** (कृष्ण की लीला भूमि) में एक भव्य मंदिर बने।

**1975 में** वृंदावन में **कृष्ण-बलराम मंदिर** की स्थापना की गई। यह ISKCON का पहला बड़ा मंदिर भारत में था।

**मंदिर की विशेषताएं:**

**1. मुख्य देवता:**

मंदिर में **तीन वेदियां** हैं:

**पहली वेदी:** **कृष्ण-बलराम**
- भगवान कृष्ण और उनके बड़े भाई बलराम
- सबसे बड़ी और मुख्य मूर्तियां

**दूसरी वेदी:** **राधा-श्यामसुंदर**
- राधा रानी और कृष्ण

**तीसरी वेदी:** **गौर-नित्यानंद**
- चैतन्य महाप्रभु और नित्यानंद प्रभु

**2. संगमरमर का निर्माण:**

पूरा मंदिर **सफेद संगमरमर** से बना है। अत्यंत भव्य और स्वच्छ।

**3. श्रील प्रभुपाद समाधि:**

मंदिर परिसर में **श्रील प्रभुपाद की समाधि** (समाधि मंदिर) है।

**1977 में** उनका निधन हुआ और यहीं समाधि दी गई।

**आरती और कार्यक्रम:**

**मंगला आरती:** 4:30 AM
**गुरु पूजा:** 7:30 AM
**श्रृंगार आरती:** 8:00 AM
**राज भोग आरती:** 12:30 PM
**संध्या आरती:** 7:00 PM

**हरे कृष्ण कीर्तन:**
- दिन भर मंदिर में कीर्तन चलता रहता है
- भक्त मृदंग-करताल के साथ नाचते-गाते हैं

**प्रसाद:**

इस्कॉन में **सात्विक भोजन** का प्रसाद मिलता है:
- शुद्ध शाकाहारी
- बिना प्याज-लहसुन
- गोविंदा रेस्टोरेंट में भोजन

**गेस्ट हाउस:**

मंदिर परिसर में **गेस्ट हाउस** है:
- स्वच्छ कमरे
- उचित दरें
- भक्तों के लिए सुविधा

**त्योहार:**

**जन्माष्टमी:**
- भव्य उत्सव
- झांकियां
- पूरी रात कीर्तन

**राधाष्टमी:**
- राधा रानी का जन्मोत्सव

**गौरपूर्णिमा:**
- चैतन्य महाप्रभु का जन्मोत्सव

**नियम:**

- मंदिर में **शालीन** पोशाक अनिवार्य
- महिलाओं के लिए साड़ी/सलवार, पुरुषों के लिए कुर्ता-पायजामा (मंदिर में किराए पर मिलता है)
- **मोबाइल-कैमरा** अंदर प्रतिबंधित
- **जूते** बाहर उतारने होंगे

**इस्कॉन वृंदावन कैसे पहुंचें:**

**मथुरा से:** 15 किमी (ऑटो/टैक्सी)

**दिल्ली से:**
- बस/ट्रेन से मथुरा (150 किमी)
- फिर वृंदावन (15 किमी)

**आगरा से:** 70 किमी

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

- उत्तर प्रदेश के वृंदावन में
- 1975 में श्रील प्रभुपाद द्वारा स्थापित
- ISKCON का मुख्य भारतीय मंदिर
- कृष्ण-बलराम मुख्य देवता
- संगमरमर से निर्मित
- हरे कृष्ण महामंत्र का केंद्र
- श्रील प्रभुपाद समाधि यहीं
- गेस्ट हाउस सुविधा

🙏 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे 🙏
🙏 हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🙏