श्री शिव चालीसा (Shree Shiv Chalisa)
॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला — सदा करत...
पढ़ें →चालीसा का पाठ हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत प्रभावशाली और सुलभ साधना मानी जाती है। चालीस चौपाइयों में रचित ये स्तुतियाँ किसी भी देवता की विशेष कृपा और सुरक्षा प्राप्त करने का सबसे सरल माध्यम हैं। "आराधना" पर आपको हनुमान चालीसा, शिव चालीसा, दुर्गा चालीसा और बजरंग बाण सहित सभी महत्वपूर्ण चालीसाओं का शुद्ध पाठ मिलेगा। चालीसा का नियमित पाठ न केवल भय, संकट और बाधाओं को दूर करता है, बल्कि साधक के आत्मविश्वास, मानसिक शांति और आत्मिक शक्ति में भी अपार वृद्धि करता है। हमने प्रत्येक चालीसा के साथ उसके चमत्कारी लाभ, पाठ करने की सही विधि और उससे जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की विस्तृत जानकारी साझा की है। यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और ईश्वरीय संरक्षण चाहते हैं, तो इन शक्तिशाली चालीसाओं का पाठ पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ प्रतिदिन करें।
॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला — सदा करत...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई / बाण (सुसंगत रूप में) ॥ जय हनुमन्त सन...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू — मंगल भरण करण शुभः...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ नमो नमो दुर्गे सुख करनी — नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी। निरंकार है ज्योति तुम्हारी — तिहूँ लोक फैली उजियारी। शशि ललाट मुख मह...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार ब...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन‑ज्योति प्रचण्ड । शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना‑शक्ति अखण्ड ॥ जगत जननि, मंगल करनि, गा...
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