श्री पितर चालीसा (Shree Pitar Chalisa)
॥ दोहा ॥ हे पितरेश्वर आपको, दे दियो आशीर्वाद। चरणाशीश नवा दियो, रखदो सिर पर हाथ॥ सबसे पहले गणपत, पाछे घर का देव मनावा जी। हे पितरेश्वर...
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॥ दोहा ॥ हे पितरेश्वर आपको, दे दियो आशीर्वाद। चरणाशीश नवा दियो, रखदो सिर पर हाथ॥ सबसे पहले गणपत, पाछे घर का देव मनावा जी। हे पितरेश्वर...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ बन्दउ माँ शाकम्भरी, चरणगुरू का धरकर ध्यान। शाकम्भरी माँ चालीसा का, करे प्रख्यान॥ आनन्दमयी जगदम्बिका, अनन्त रूप भण्डार। मा...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ मूर्ति स्वयंभू शारदा, मैहर आन विराज। माला, पुस्तक, धारिणी, वीणा कर में साज॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय जय जय शारदा महारानी — आदि शक...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये दक्षजे, शम्भु प्रिये गुणखानि। गणपति जननी पार्वती, अंबे! शक्ति! भवानि॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरो प...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री गणपति पद नाय सिर, धरि हिय शारदा ध्यान। सन्तोषी मां की करुँ, कीरति सकल बखान॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय संतोषी मां जग जननी — खल ...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ गरुड़ वाहिनी वैष्णवी, त्रिकुटा पर्वत धाम। काली, लक्ष्मी, सरस्वती, शक्ति तुम्हें प्रणाम॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ नमो: नमो: वैष्णो व...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार। वृन्दावनविपिन विहारिणी, प्रणवों बारंबार॥ जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम। च...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय काली जगदम्ब जय, हरनि ओघ अघ पुंज। वास करहु निज दास के, निशदिन हृदय निकुंज॥ जयति कपाली कालिका, कंकाली सुख दानि। कृपा करहु वर...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब। सन्तजनों के काज में, माँ करती नहीं विलम्ब॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय जय जय विन्ध्याचल रानी...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय‑जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान। होय विमल शीतल हृदय, विकासै बुद्धि बलज्ञान॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय‑जय‑जय शीतला भवानी —...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय जय तुलसी भगवती, सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरि प्रेयसी, श्री वृन्दा गुण खानी॥ श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब। जनहित ...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। ...
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