सीता माता चालीसा | Sita Mata Chalisa
॥ दोहा ॥ बन्दौं चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम। कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम, मन मन्दिर बा...
पढ़ें →देवी चालीसा मातृ शक्ति को समर्पित चालीस छंदों की रचनाएं हैं। दुर्गा, काली, लक्ष्मी और सरस्वती चालीसा प्रमुख हैं। देवी चालीसा नवरात्रि और शुक्रवार को पढ़ना विशेष शुभ है। चालीसा पढ़ने से घर में सुख-शांति आती है और परिवार की रक्षा होती है।
॥ दोहा ॥ बन्दौं चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम। कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम, मन मन्दिर बा...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ देवि पूजिता नर्मदा, महिमा बड़ी अपार। चालीसा वर्णन करत, कवि अरु भक्त उदार॥ इनकी सेवा से सदा, मिटते पाप महान। तट पर कर जप दान नर,...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय जय। जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज। जयति र...
पढ़ें →॥ श्री गणेश मंत्र ॥ श्री गणेश प्रथम मनाऊ, रिद्धि‑सिद्धि भरपूर पाऊ। ॥ चालीसा ॥ नमो नमो श्री नागणेच्या माता, नमो नमो शिव‑शक्ति माता। ह...
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