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श्री रामदेव आरती - लोकदेवता बाबा रामदेव की स्तुति

बाबा रामदेव जी की आरती लोकआस्था और विश्वास का प्रतीक है। उनकी आराधना से संकट, रोग और भय से मुक्ति मिलती है। श्रद्धा से किया गया यह पाठ भक्तों में साहस और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

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परिचय

श्री रामदेव आरती एक भक्तिमय स्तुति‑गीत है जो श्री रामादेस्वामी के दयालु, रक्षक और चमत्कारी रूप की महिमा का बखान करता है। यह आरती उनके साहस, संकट निवारण और लोककल्याणकारी कार्यों — जैसे रोग, भय और अन्य विपत्तियों से उद्धार — का स्मरण कराती है और श्रद्धालुओं में अटूट श्रद्धा और आश्वासन जगाती है। लोकभक्ति में प्रचलित यह पाठ साधारणत: भजन‑सभा, मेला, और मंदिर‑पूजा में कोरस के साथ गाया जाता है; इसका उच्चारण विश्वास, समर्पण और सामूहिक भक्ति को पुष्ट करता है। आरती के शब्दों में श्रीरामदेव के अतुलनीय पराक्रम और करुणा‑कृत्यों का वर्णन है, इसलिए श्रद्धासहित इसका पाठ करने से भक्तों को सुरक्षा, मनोबल और मनोकामना‑सिद्धि की अनुभूति होने का विश्वास होता है।
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श्री रामदेव आरती (Shri Ramdev Aarti)

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॥ श्री रामदेव आरती ॥
ॐ जय श्री रामादे स्वामी, जय श्री रामादे।
पिता तुम्हारे अजमल, मैया मेना दे॥
ॐ जय श्री रामादे।
स्वामी जय श्री रामादे॥

रूप मनोहर, जिसका घोड़े असवारी।
कर में सोहे भाला, मुक्तामणि धारी॥
ॐ जय श्री रामादे।
स्वामी जय श्री रामादे॥

विष्णु रूप तुम स्वामी, कलियुग अवतारी।
सुर‑नर‑मुनि जन ध्यान लगावे, बलिहारी॥
ॐ जय श्री रामादे।
स्वामी जय श्री रामादे॥

दुःख दलजी काटे, तुम्हने पल भर में तारा।
सरजीवन भाण को तुमने कर डारा॥
ॐ जय श्री रामादे।
स्वामी जय श्री रामादे॥

नाव सेठ की ताड़ी, दानव को मारा।
पल में किया तुमने सरवर को खारा॥
ॐ जय श्री रामादे।
स्वामी जय श्री रामादे॥

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